आगरा में हेड कांस्टेबल के साथ 3 लाख रुपये की धोखाधड़ी

आगरा में हेड कांस्टेबल के साथ 3 लाख रुपये की धोखाधड़ी

Head constable cheated of Rs 3 lakh in Agra

Head constable cheated of Rs 3 lakh in Agra

Head constable cheated of Rs 3 lakh in Agra : आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र में अपर पुलिस महानिदेशक कार्यालय के हेड कांस्टेबल चरन सिंह ने 3 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि उन्हें ई-कॉमर्स कंपनियों अमेज़न और स्नैपडील से 50% छूट पर सामान दिलाने का झांसा दिया गया। रुपये लेने के बावजूद सामान डिलीवर नहीं किया गया। पीड़ित ने डीसीपी सिटी से शिकायत की थी, जिसके बाद ताजगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।

हेड कांस्टेबल का अनुभव और पहचान

हेड कांस्टेबल चरन सिंह ने बताया कि वे वीआईपी प्रोटोकॉल से जुड़े कार्य देखते हैं, जिससे उन्हें विभिन्न होटलों में आने-जाने का अवसर मिलता है। इसी दौरान ताजगंज स्थित द हास्टलर्स होटल के मैनेजर रजत तिवारी से संपर्क हुआ। रजत के माध्यम से चरन सिंह की मुलाकात जोधपुर के अंकित रॉयल से हुई, जो वर्तमान में जयपुर में रह रहे थे और छह महीने से द हास्टलर्स होटल में रह रहे थे।

धोखाधड़ी की पूरी कहानी

कुछ समय बाद, जब चरन सिंह दिल्ली गए थे, तब अंकित ने उन्हें अपने गाजियाबाद स्थित विंडसर अपार्टमेंट के फ्लैट में बुलाया। वहां उन्होंने छह से सात दिन रुककर खुद को रिलायंस कंपनी में रिटेल सहायक मैनेजर बताया। अंकित ने दावा किया कि वे अमेज़न और स्नैपडील से सभी सामानों पर 50% छूट करवा सकते हैं।

इस विश्वास के चलते चरन सिंह ने आवश्यक राशि अंकित के खाते में भेज दी। अंकित ने वादा किया कि सामान कुछ दिन बाद उनके घर डिलीवर किया जाएगा, लेकिन एक महीने बाद भी सामान नहीं आया।

धोखाधड़ी के बाद की घटनाएँ

जब चरन सिंह ने अंकित को संपर्क किया, तो वह हर बार कोई न कोई बहाना बनाता रहा। जब चरन सिंह अंकित के फ्लैट पहुंचे, तो पता चला कि फ्लैट केवल किराये पर लिया गया था और किसी प्रकार का सामान उपलब्ध नहीं था।

अंकित ने दो चेक भी दिए, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गए। 4 अगस्त को फोन पर बातचीत के दौरान अंकित ने जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद चरन सिंह ने डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास से शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की प्रतिक्रिया

डीसीपी सिटी ने बताया कि मामले में साक्ष्य संकलन कर उचित कार्रवाई की जाएगी। ताजगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।